धांधली
धांधली/////शम्भू
भगत सिंह,चंद्रशेखर आजाद और सुभाष चंद्र बोस जैसे क्रन्तिकारियों को अपना आदर्श मानने वाली उस भारतीय किसान की मजबूरी यह थी कि अपने गाँव के जनवितरण प्रणाली की दुकान पर, वह यह नहीं कह पाती थी कि पाँच किलो प्रति व्यक्ति की दर से मिलने वाला अनाज चार किलो प्रति व्यक्ति की दर से क्यों दिया जा रहा है।
उसे डर था कि डीलर बिगड़ जायेगा और जब भी वह अपने पड़ोसियों से किसी हक की बात को लेकर कहासुनी करेगी,यही डीलर गवई राजनीति करके,उसके किसी मामले को तिल का ताड़ बनाकर किसी पड़ोसी से अन्य मामले में मुकदमे में फ़सवा देगा।
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जन वितरण प्रणाली की दुकान=सरकारी दुकान, कोटा
डीलर=सरकारी दुकान का संचालक
शम्भू©
सारण गोपालगंज,बिहार
7singhshambhu@gmail.com
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