●अड़ंगा● A other side of stories.
"भाई, मैंने उसे पहले ही समझाया था कि वो अपने बाल बच्चों पर ध्यान दें,न कि तेरी भाभी पर। पत्नी किसी से भी प्रेम सबंध रखती हैं तो रखने दें,रुकावट मत डाल,आखिर गया न जान से।"-मृतक के दोस्त ने उसके भाई से दुःख जताते हुए कहा।
"लेकिन भाभी को किसी ने समझाया होता तो ये दिन देखने को नहीं मिलता।मेरे भाई से वह सन्तुष्ट नहीं हो पाती थी तो तलाक ले लेती,प्रेमी से शादी करती,उसकी हत्या कराने की क्या जरूरत थी।आखिर उसको और उसके प्रेमी को तो अब जेल होगी।" मृतक के भाई ने रोते हुए जबाब दिया।
"कोई भी शादीशुदा मर्द या औरत आपसी मर्जी से किसी से भी अन्तरंग सबंध बना सकते हैं या यों कहों प्रेम सम्बंध रख सकते है।उसे आज का घर तोडूँ कानून नहीं पता था,क्या?"-मृतक के दोस्त ने फिर उसके भाई को सांत्वना देने की असफल कोशिश की।लेकिन रोष में उसका लहजा कुछ बदला था।
".......... ……." उसने कोई जबाब नहीं दिया।
"नहीं समझा!"
"इसे ऐसे समझ,
कभी तूने जानवरों को सबंध बनाते देखा है?अगर देखा हो तो,तुझे पता होगी।
पहले वे हमसे दूर भागते हैं और फिर भी हम उनके बीच टांग आड़ाते है तो वे दोनों जानलेवा हमला भी कर देते है।
बस, उन्हीं जानवरों का शिकार हुआ है,तेरा भाई!"
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©शम्भू
28/10/21
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